Saturday, June 22, 2019

एक ही जीवन कई बार जीना

एक ही जीवन कई बार जीना
चंद्रभूषण
बुद्ध की ध्यान पद्धतियों में एक थी- फूल को देखना। मुंह अंधेरे किसी तालाब के किनारे बैठ जाओ और वहां गर्व से उपर उठी एक कमल कली पर अपनी आंखें टिका दो। तुम्हारा किसी आसन में होना जरूरी नहीं। यह भी जरूरी नहीं कि पलकें तुम्हारी लगातार टंगी रहें। जैसे जी करे वैसे देखो, क्योंकि और कुछ नहीं सिर्फ देखना महत्वपूर्ण है। उस बिल्कुल हरी ठोस चीज में धीरे-धीरे हल्की लालिमा फूटती है। फिर कुछ देर बाद हरापन गायब हो जाता है और पूरी तरह खिला हुआ एक अद्भुत लाल फूल तुम्हारे सामने होता है।

ज्यादा गौर से देखने पर उसके बीच में पीले पराग की झलक भी मिलने लगती है, जिसका रस लेने के लिए भौंरे उस पर मंडराने लगते हैं। अब तक शायद दोपहर हो चुकी हो और तीखी धूप तुम्हें तंग करने लगी हो। उसी जगह बैठे रहने की कोई बाध्यता तुम्हारे लिए नहीं है। चाहो तो उठकर छाया में चले जाओ। बाध्यता सिर्फ एक है कि तुम्हें उसी फूल को लगातार देखना है। थोड़ी देर बाद कमल की पंखुड़ियां सिकुड़ने लगती हैं। लगता है, वह दोबारा कली की अवस्था में जाना चाहता है। लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं।

शाम होते-होते फूल मुरझा जाता है। उसकी डंठल लटक जाती है और कुम्हलाया कमल झुक कर वापस पानी के करीब पहुंच जाता है। अगले दिन तुम यही क्रिया फिर से दोहरा सकते हो, और जब तक जी करे, दोहराते रह सकते हो। शुरू के बौद्ध साधक इस साधना को सालोंसाल जारी रखते थे, अपने-अपने ढंग से इसके नतीजे निकालते थे और उन नतीजों को अपने तक ही रखते थे। बाद में उनका काम किताब में पढ़े हुए या गुरुओं द्वारा उपदेशित ‘नश्वरता’ के सिद्धांत से चल जाने लगा।

बुद्ध के दो हजार साल बाद हुए कबीर ने कभी यह साधना की या नहीं, कोई नहीं जानता, लेकिन उनकी पंक्ति ‘काहे री नलिनी तू कुम्हलानी, तेरे ही नाल सरोवर पानी’ में इसकी एक उम्मीद भरी व्याख्या जरूर मिलती है। और कमल के प्रसंग से बिल्कुल अलग, बुद्ध-कबीर से हजारों मील दूर, किसी और ही देश-काल में जन्मे फारसी शायर रूमी फरमाते हैं, ‘मी चू सब्ज़ा बारहा रूईदा एम’। घास-फूस की तरह मैं बार-बार उग आता हूं। जून के महीने में अपने सूखे मन और बाहर की बंजर जमीन पर नजर रखिए। हरियाली कभी भी आ सकती है।

Friday, June 21, 2019

मेडिटेशन को शामिल करें अपने रूटीन में

*मेडिटेशन को करें अपने रूटीन में शामिल, होंगे ये 13 सेहतमंद फायदे*

1 मेडिटेशन, मन अशांत रहने पर उसके निष्क्रिय पड़े हुए भागों को उपयोग में लाने योग्य बनाता है।
2 अनुभव की क्षमता को सूक्ष्म करने की एक प्रक्रिया है ध्यान।
3 यदि आपको भूलने की आदत है तो ध्यान आपके लिए बहुत उपयोगी है।
4 गुस्सैल प्रवृत्ति के लोगों का मन शांत करने में कारगर है भावातीत ध्यान।
5 निर्णय न ले पाने वाले भी इसे अपनी जिंदगी में शामिल कर सकते हैं।
6 हृदयरोग की रोकथाम के लिए उत्तम औषधि के समान है।
7 मन की चंचलता को नियंत्रित करता है।
8 दीर्घायु बनाने में इसकी अहम उपयोगिता है।
9 शांति, सामर्थ्य, संतोष, शांति, विद्वत्ता और सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है भावातीत ध्यान।
10 चाहें तो ध्यान के समय कुछ फूल आस-पास रखें, कोई सुगंधित वस्तु का छिड़काव कर दें, अगरबत्ती जला दें।
11 रात्रि के भोजन से पहले ही ध्यान के लिए बैठें। प्रातःकाल सूर्योदय से पहले ध्यान करें।
12 ढीले वस्त्र पहनकर ध्यान करें।
13 महिलाएं यदि चाहें तो भावातीत ध्यान किसी शिक्षक के द्वारा भी सीख सकती हैं। चाहें तो मेडिटेशन सेंटर में भी आप इसे सीख सकती हैं।

Friday, May 10, 2019

लिवर की समस्या दूर करने के लिए ये करें ..

5 ऐसी चीजें जो लिवर की बीमारी को करती हैं दूर, एक बार पढ़ें जरूर*
शशांक द्विवेदी
1. कलौंजी का तेल : यह एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इसे हम खासतौर पर शरीर की प्रतिरोधकता बढाने वाला समझ सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से लडते हैं इसके अलावा लिवर की हेल्थ भी कलौंजी से बढ़िया रहेगी। इस तेल के उपयोग से लिवर लेड जैसी धातु को शरीर के बाहर आराम से निकाल देता है।
2. हल्दी : हल्दी का उपयोग भारतीय भोजन में रंग, स्वाद और न्यूट्रिएंट्स के लिए होता है। इसे जादुई चीज़ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेट्री (सूजन घटाने का), एंटीबैक्टेरियल गुण होते हैं। लिवर एकदम दुरूस्त रहेगा।
3. अदरक : अदरक लिवर को ऐसे तत्व देता है जिससे इसका काम की क्षमता बढ़ जाती है। यह भी एंटीऑक्सीडेंट गुणों का खजाना है। रिसर्च में तब बात साबित हो चुकी है कि अदरक का प्रयोग आपके लिवर को तंदुरूस्त रखेगा।
4. नींबू : नींबू का पेट या पाचन को दुरूस्त करने के लिए कई बार आपके सामने सलाह के रूप में आया होगा। हर दिन की शुरुआत नींबू और गर्म पानी के साथ करने की सलाह दी जाती है। लिवर की क्रियाओं को नींबू जमकर बूस्ट देता है।
5. चुकंदर : खून को हीमोग्लोबिन और आपको हेल्थ की लालिमा देने वाला चुकंदर गुणों का खजाना है। कई बीमारियों से आपकी रक्षा के अलावा चुकंदर आपके लिवर को भी कई गुना अधिक ताकतवर बना देगा।

*महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं*
[09/05, 8:09 p.m.] +91 94150 02710: *5 ऐसी चीजें जो लिवर की बीमारी को करती हैं दूर, एक बार पढ़ें जरूर*

1. कलौंजी का तेल : यह एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इसे हम खासतौर पर शरीर की प्रतिरोधकता बढाने वाला समझ सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से लडते हैं इसके अलावा लिवर की हेल्थ भी कलौंजी से बढ़िया रहेगी। इस तेल के उपयोग से लिवर लेड जैसी धातु को शरीर के बाहर आराम से निकाल देता है।
2. हल्दी : हल्दी का उपयोग भारतीय भोजन में रंग, स्वाद और न्यूट्रिएंट्स के लिए होता है। इसे जादुई चीज़ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेट्री (सूजन घटाने का), एंटीबैक्टेरियल गुण होते हैं। लिवर एकदम दुरूस्त रहेगा।
3. अदरक : अदरक लिवर को ऐसे तत्व देता है जिससे इसका काम की क्षमता बढ़ जाती है। यह भी एंटीऑक्सीडेंट गुणों का खजाना है। रिसर्च में तब बात साबित हो चुकी है कि अदरक का प्रयोग आपके लिवर को तंदुरूस्त रखेगा।
4. नींबू : नींबू का पेट या पाचन को दुरूस्त करने के लिए कई बार आपके सामने सलाह के रूप में आया होगा। हर दिन की शुरुआत नींबू और गर्म पानी के साथ करने की सलाह दी जाती है। लिवर की क्रियाओं को नींबू जमकर बूस्ट देता है।
5. चुकंदर : खून को हीमोग्लोबिन और आपको हेल्थ की लालिमा देने वाला चुकंदर गुणों का खजाना है। कई बीमारियों से आपकी रक्षा के अलावा चुकंदर आपके लिवर को भी कई गुना अधिक ताकतवर बना देगा

Thursday, May 9, 2019

सोड़ा है ख़तरनाक !!

*जानिए ऐसे कारण जो आपका सोडा पीने का शौक छुड़वा देंगे*
 शशांक द्विवेदी
1 यह न केवल आपके दांतों में सड़न पैदा करता है बल्कि इसमें अत्यधिक मात्रा में मौजूद रिफाइंड शुगर, कैलोरी की मात्रा बढ़ाकर मोटापा बढ़ाने का काम करती है।
2 सिर्फ सोडा ही नहीं बल्कि ड्र‍िंकिंग सोडा जिस बॉटल या केन में बाजार में उपलब्ध है, वह भी हानिकारक है। इनमें टॉक्सिक केमिकल बिस्फेनॉल होता है, जो एक नहीं कई प्रकार की हेल्थ प्रॉब्लम्स को पैदा करता है।
3 इसमें बहुत अधिक मात्रा में शर्करा पाई जाती है। इसमें मौजूद 20 ऑन्स मात्रा ही लगभग 20 बड़े चम्मच शुगर के बराबर होती है।
4 अगर आप कैलोरी कम करने के लालच में डाइट सोडा लेना पसंद करते हैं, तो जान लीजिए कि यह आपके किडनी की कार्यक्षमता को कम करता है।
5 सोडा पीने की आदत लगना तो और भी खतनाक है। हर दिन ड्रिंकिंग सोडा का सेवन, आपके लिए डायबिटीज के खतरे को 25 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।
6 20 ऑन्स सोडा यानि 240 कैलोरी बर्न करने के लिए आपको हर बार सोडा पीने के बाद लगभग 1 घंटा पैदल चलने की जरूरत होती है।
7 सोडा में पाया जाने वाला फास्फोरिक एसिड आपकी हड्ड‍ियों में मौजूद कैल्सियम को चुरा लेता है। इतना ही नहीं यह हड्ड‍ियों के घनत्व को भी कम कर देता है।
8 रोजाना सोडा का प्रयोग, आपके मेटाबॉलिज्म में परिवर्तन करने में काफी हद तक प्रभावी होता है और वजन कम करना बेहद कठिन हो जाता है।
9 सोडा की अत्यधिक मात्रा या अधिक सेवन, अस्थमा एवं श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे सांस संबंधी अन्य रोगों की संभावना बढ़ जाती है।
10 सोडा पीने से हृदय संबंधी समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्या है, उनके लिए यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है।

Wednesday, May 1, 2019

गर्मी में खाएं ये सब्जियाँ

*गर्मी की ये 6 सब्जियां, स्वाद भी देंगी और सेहत के फायदे भी*
 शशांक द्विवेदी
1 लौकी - गर्मी के मौसम में पाच संबंधी समस्याओं में लौकी बेहद फायदेमंद है। इसमें पोटेशि‍यम, सोडियम और विटामिन सी के साथ ही जरूरी पोषक तत्व और भरपूर पानी होता है। यह आपका वजन कम करने में भी मददगार साबित होगी।
2 गिलकी - गिलकी को ब्लड प्यूरीफायर माना जाता है। इसमें मौजूद आयरन, पोटैशियम और विटामिन्स एनीमिया, ब्लड प्रेशर और ब्रेन फंक्शन को सही रखने में मदद करते हैं।
3 गोभी - गर्मी के मौसम में गोभी की सब्जी आपके पाचन में मदद करेगी और कब्जियत से निजात भी दिलाएगी। यह फाइबर और पोषक तत्वों से भरी होती है।
4 कैरी - इस मौसम में कच्चे आम यानि कैरी की आवक शुरू हो जाती है और इसका सेवन बेहद फायदेमंद होता है। कैरी की सब्जी या चटनी ही नहीं इसका पना बनाकर पीने से आप गर्मी के प्रकोप से बच सकते हैं।
5 पत्तेदार सब्जियां - गर्मी में हरी पत्तेदार सब्जियां वैसे तो कम होती हैं, लेकिन इनका सेवन इस मौसम में फायदेमंद होता है। यह पानी और पोषण की कमी नहीं होने देता और आापको स्वस्थ रखने में मदद करता है।
6 ककड़ी - ककड़ी के अलग-अलग प्रकार अपने आप में फायदों से भरे हैं। यह डिहाइड्रेशन से बचाकर शरीर में नमी बनाए रखने में मददगार है साथ ही गर्मी के प्रकोप से बचाने में भी सहायक है।

जीभ जल जानें पर क्या करें ?

*गर्मागर्म खाने से जब जल जाए जीभ तो करें ये 4 उपाय*

1 जीभ जल जाने पर सबसे पहला और आसान उपाय है देसी घी, जिसे जले हुए हिस्से पर लगाएं या फिर कोई ऐसी मीठी चीज बनाकर खाएं जिसमें खूब सारा घी हो, जैसे हलवा। ये दवा का काम करेगा।
2 दूसरा उपाय है शहद। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो जीभ की चोट को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं और दर्द को कम करते हैं। इससे आराम मिलेगा।
3 तीसरा उपाय है ठंडा दही। जी हां, गर्म चीज से जले हैं, तो दही की ठंडक मलहम का काम करेगी। ठंडे दही को कुछ देर मुंह में रखें, यह आराम देगा।
4 चौथा इलाज है पेपरमिंट। यह जीभ में ठंडक का एहसास तो देगा ही आपकी तकलीफ को भी कम करेगा। चाहें तो मिंट च्युइंगम से भी काम चला सकते हैं।
5 पांचवा इलाज भी सीधा सा है। इसके लिए फ्रीजर से बर्फ लेकर जले पर लगाएं, ताकि आपको दर्द और तकलीफ ये राहत मिल सके।

Sunday, April 28, 2019

डाइटिंग से जुड़ी हैं ये गलतफहमियां

*डाइटिंग से जुड़ीं ये गलतफहमियां तुरंत करें दूर, वरना सेहत को पड़ेगी भारी*
 शशांक द्विवेदी
1 क्रैश डाइटिंग - कई लोग जल्दी वजन कम करने के चक्कर में क्रैश डाइटिंग करने लगते हैं, और उसे फायदेमंद मानते हैं। दरअसल क्रैश डाइटिंग आपके वजन को कम कर आपको जल्दी स्लिम तो कर सकती है, लेकिन कुछ समय बाद इस‍के उतने ही हनिकारक परिणाम भी सामने आते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, क्रैश डाइटिंग करते समय शरीर से फैट छटने के साथ वे मसल्स और टिश्यू भी नष्ट हो जाते हैं, जि‍न्हें बनने में काफी समय लगता है। ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है।

2 ब्रेकफास्ट न करना - कुछ लोगों का मानना है कि सुबह का नाश्ता न करके, बढ़ते हुए वजन को कम किया जा सकता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। ब्रेकफास्ट न करने से दोपहर का भोजन करने तक आप भूखे रहते हैं, जिससे उर्जा की कमी होने के साथ ही शरीर में कमजोरी महसूस होती है। इसके अलावा सुबह नाश्ता नहीं करने से दोपहर तक आपकी भूख बढ़ जाती है, जिसके कारण आप लंच में ज्यादा खाना खाते हैं। इसे पचाने में शरीर को अधिक समय लगता है।

3 शाम को कुछ न खाना - यही भी एक बड़ी गलतफहमी है, कि शाम के समय या उसके बाद कुछ भी न खाने से मोटापा नियंत्रित होगा। आप शाम को या रात को भी खा सकते हैं, बशर्ते वह कैलोरी फूड या फैटी फूड न हो। पापड़, चिप्स, पिज्जा, बर्गर या आइसक्रीम की जगह फल, जूस, सलाद या अन्य सेहतमंद चीजों को प्राथमिकता दें। यह चीजें किसी भी वक्त खाने पर नुकसान नहीं करेंगी।