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Wednesday, February 19, 2014

शादी की पाँचवी सालगिरह..

शशांक -प्रियंका 
आज मेरी और प्रियंका की शादी की पाँचवी सालगिरह है .ये पाँच साल हँसते –खेलते ,लड़ते –झगड़ते ,तारीफों-शिकायतों के बीच ऐसे गुजरे की पता ही नहीं चला .सालगिरह तो पाँचवी है लेकिन प्रियंका का साथ पिछले 10 साल से है .प्रेमी से पति बनने का सफर काफी रोमांचक ,मजेदार ,चुनौतीपूर्ण ,प्रेम भरा और मस्ती भरा रहा अब सोचता हूँ कि अच्छा हुआ जो इसमें 5 साल लग गये . हमारी कहानी पूरी फ़िल्मी ही थी सोचा नहीं था कि लेखन/पत्रकारिता के शौक से ही जीवनसाथी मिलेगा ,इस तरह से प्रेम –विवाह होगा. लेकिन जो होता है अच्छे के लिए ही होता है ईश्वर के पास हमारे लिए बेहतर प्लान होता है. वास्तव में पति-पत्नी का रिश्ता बहुत ही खूबसरत होता है .एक दूसरे के सहयोग से दुनियाँ बदली जा सकती है ,कुछ भी हासिल किया जा सकता है ..
ऐसा नहीं कि मुझे चाँद चाहिए 
मुझको तुम्हारे प्यार में विश्वास चाहिए 
न की कभी भी ख्वाहिश मैंने सितारों की
मुझे तो बस ख्वाबों में तुम्हारा दीदार चाहिए
ईश्वर करे हमारा ये रिश्ता हमेशा यू ही मजबूत बना रहें ..आप सभी मित्रों की /बड़ों के आशीर्वाद /शुभकामनायों की आकांक्षा हमेशा बनी रहेगी ...

Tuesday, October 22, 2013

मेरी बेटी यूं ही हमेशा खुश रहे

आन्या के तीसरे जन्मदिन27फरवरी 2013 पर प्रियंका 
तीन साल पहले जब माँ बनी थी ,उस दर्द के एहसास की खुशी तो ताउम्र रहेगी। मां बनकर मैने अपनी बेटियों में अपना अक्स को अनुभव किया उनका बोलना,खेलना और न जाने क्या क्या। अब लगता है कि दो जिंदगियां ऐसी हैं जो सिफ मेरे और मेरे लिए है। उनके दूर होने के एहसास से मुझे तो डर लगता है। कभी डाटने पर मैं उनसे कहती हूं मैं चली जाउगी आप मुझे परेशान मत करो तो वे तुरंत मान जाती है क्योंकि  मेरे जाने का कहने से  मेरी बेटियों को भी मेरे दूर होने का एहसास सालता है। उनकी तोतली जुबान कहती है मम्मी आप नहीं जाओ नही तो मैं रो जाउगी और मुझे आपकी याद आएंगी। ऐसा लगता है कि कोई है जिसे मेरे दूर होने से या जाने से दर्द होता है। शायद यही रिश्ता है मां का बेटी का जो भगवान का दिया हुआ है जिसे हम दोनो महसूस करते हैं .अभी मेरी बेटी को दुनियाँ की समझ नहीं है, हमारे रिश्तों में शब्द नहीं है लेकिन एक एहसास है जिसे मैं नहीं भुलना चाहती। आज उसकी तीसरी बर्थ डे पर जब मैं उसकी प्लानिंग कर रही थी तो लग रहा था न जाने मैं उन्हें क्या क्या दे दू कि वो खुश रहे, उसकी मुस्कुराहट उसकी आंखों की चमक हमेशा यूं ही खिलती रहे। इसी उम्मीद से आज उसकी बर्थ डे सेलीब्रेट की, बहुत एंज्वाय किया इन यादगार पलों को  । मैं बहुत खुश हूँ और  सोच रही हूँ  कि समय ठहर जाए और मेरी बेटी यूं हमेशा खुश रहे।

Tuesday, February 19, 2013

तुम जो पकड़ लो हाथ मेरा ,दुनियाँ बदल सकता हूँ मै ........

शशांक -प्रियंका 
आज मेरी और प्रियंका की शादी की चौथी सालगिरह है .ये चार साल हँसते –खेलते ,लड़ते –झगड़ते ,तारीफों-शिकायतों के बीच ऐसे गुजरे की पता ही नहीं चला .आज से 9 साल पहले अमर उजाला, आगरा और आगरा हमारे प्रेम का साक्षी बना . उस समय मै बीटेक फाइनल ईयर का छात्र था और अमर उजाला के लिए एक कॉलम “साइबर बाइट्स” लिख रहा था और मेरे कुछ लेख जनसत्ता ,दैनिक जागरण , अमरउजाला ,आज आदि में प्रकाशित हो चुके थे .जबकि प्रियंका अमर उजाला में सब एडिटर के रूप में काम कर रही थी .हम दोनों की वर्किंग  फील्ड(इंजीनियर-पत्रकार ) अलग थी ,दोनों के घर वाले भी एकदम खिलाफ थे  .परिस्थितियाँ विपरीत थी .घर वालों को मनाने में 5 साल लग गये ,लेकिन इन 5 सालों मे भी  हमने  शानदार जिंदगी जिया ,खूब मस्ती की ,मजा आया .हमने सोचा था कि किसी ही हाल में घर वालों के आशीर्वाद से ही शादी करेंगे .वही किया ,आज हमारे घर वाले इस रिश्ते से बहुत ज्यादा खुश है ...वास्तव में पति-पत्नी का रिश्ता बहुत ही खूबसरत होता है .एक दूसरे के सहयोग से दुनियाँ बदली जा सकती है ,कुछ भी हासिल किया जा सकता है (....तुम जो पकड़ लो हाथ मेरा ,दुनियाँ बदल सकता हूँ मै ........)ईश्वर करे हमारा ये रिश्ता हमेशा यू ही मजबूत बना रहें ..आप सभी मित्रों की  /बड़ों के आशीर्वाद /शुभकामनायों की आकांक्षा हमेशा बनी रहेगी ...