Tuesday, July 9, 2019

डाइबिटीज को ऐसे करें कंट्रोल

*डाइबिटीज पर पाना है नियंत्रण, तो जानिए चने की दाल के फायदे*
 शशांक द्विवेदी
1. फाइबर से भरपूर चने की दाल कोलेस्ट्रॉल को कम कर आपका वजन कम करने में भी बेहद फायदेमंद साबित होती है। यह पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
2. चने की दाल जिंक, कैल्श‍ियम, प्रोटीन, फोलेट आदि से भरपूर होने के कारण आपको आवश्यक व जरूरी ऊर्जा देती है। इसके अलावा यह पेट की समस्याओं के लिए भी फायदेमंद है।
3. चने की दाल का सेवन कर आप कब्ज जैसी समस्याओं से आसानी से निजात पा सकते हैं। इतना ही नहीं, पीलिया जैसी बीमारी में चने की दाल का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
4. चने की दाल आपके शरीर में आयरन की कमी को पूरा करती है और हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में मदद करती है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड शरीर की कोशिकाओं को मजबूत करने में मददगार है।
5. डाइबिटीज पर नियंत्रण के लिए चने की दाल का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। यह ग्लूकोज की अधि‍क मात्रा को अवशोषित करने में काफी मददगार है। सौंदर्य बढ़ाने के लिए चने की दाल का बेसन त्वचा पर लगाना लाभदायक होता है।
*इम्यून सिस्टम को मजबूत करेंगे ये टिप्स, आज ही अपनाएं*
 शशांक द्विवेदी
1 चोकर सहित अनाज - गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे अनाज का सेवन चोकर सहित करें। इससे कब्ज नहीं होगी तथा प्रतिरोध क्षमता चुस्त-दुरुस्त रहेगी।
2 जल - यह प्राकृतिक औषधि है। प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा कुनकुना। फ्रिज के पानी के सेवन से बचें।
3 तुलसी - तुलसी का धार्मिक महत्व अपनी जगह है मगर इसके साथ ही यह एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। रोज सुबह तुलसी के 3-5 पत्तों का सेवन करें।
4 योग - योग व प्राणायाम शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी जानकार से इन्हें सीखकर प्रतिदिन घर पर इनका अभ्यास किया जाना चाहिए।
5 हंसना जरूरी है - हंसने से रक्त संचार सुचारु होता है व हमारा शरीर अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ग्रहण करता है। तनावमुक्त होकर हंसने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में मदद मिलती है।
6 रसदार फल - संतरा, मौसमी आदि रसदार फलों में भरपूर मात्रा में खनिज लवण तथा विटामिन सी होता है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप चाहें तो पूरे फल खाएं और चाहें तो इनका रस निकालकर सेवन करें। हां, रस में शकर या नमक न मिलाएं।
7 गिरीदार फल - सर्दी के मौसम में गिरीदार फलों का सेवन फायदेमंद होता है। इन्हें रात भर भिगोकर रखने व सुबह चाय या दूध के साथ, खाने से आधे घंटे पहले लेने से बहुत लाभ होता है।

दूध में तुलसी डालकर पीने के फायदे

*दूध में तुलसी डालकर पीने के 5 बेहतरीन फायदे, जो आपने कहीं नहीं सुने होंगे*
 शशांक द्विवेदी
1 दमा के मरीजों के लिए यह उपाय फायदेमंद है। खास तौर से मौसम में बदलाव होने पर होने वाली सांस संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दूध और तुलसी का यह मिश्रण बेहद लाभकारी होता है।
2 सि‍र में दर्द या माइग्रेन की समस्या होने पर यह उपाय आपको रोहत देगा। जब भी माइग्रेन का दर्द हो आप इसे पी सकते हैं, रोजाना इसका सेवन करने से आपकी समस्या भी खत्म हो सकती है।
3 तनाव अगर आपके जीवन का भी अभिन्न अंग बन गया है, तो दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पिएं, आपका तनाव दूर होगा और धीरे-धीरे तनाव की समस्या ही समाप्त हो जाएगी।
4 हृदय की समस्याओं में भी यह लाभदायक है। सुबह खाली पेट इस दूध को पीने से हृदय संबंधी रोगों में लाभ पाया जा सकता है। इसके अलावा यह किडनी में होने वाली पथरी के लिए भी अच्छा उपचार है।
5 तुलसी में कैंसर कोशिकाओं से लड़ने का गुण होता है, अत: इसका सेवन आपको कैंसर से बचा सकता है। इसके अलावा सर्दी के कारण होने वाली सेहत समस्याओं में भी यह कारगर उपाय साबित होगा।

Monday, July 8, 2019

मुँह के छालों का निदान

*मुंह के छालों से परेशान हैं? तो अपनाएं ये आसान से घरेलू उपाय*
 शशांक द्विवेदी
1 नीम के पत्ते उबाल लें। इसमें लहसुन के रस की चार-पांच बूंद डालकर इससे गरारे करने चाहिए।
2 छाछ से गरारे करने पर भी मुंह के छाले ठीक होते हैं।
3 चमेली और अमरूद के 5-5 पत्ते लेकर थोड़ी देर तक मुंह में धीरे-धीरे चबाएं। थोड़ी देर बाद पानी बाहर निकाल दें। ऐसा करने से भी मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
4 मौलसरी के काढ़े में एक चुटकी फुलाई हुई फिटकरी डालकर मिला लें। इस मिश्रण के कुल्ले करने से मुंह के छालों में आराम आता है।
5 गूलर की छाल में फिटकरी डालकर कुल्ले करने चाहिए।
6 बबूल की छाल के काढ़े से कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक होते हैं।
7 मुलहठी के गरारे भी रोग में फायदा पहुंचाते हैं।
8 मुंह में लौंग का तेल लगाना चाहिए।
9 सुहागे को तवे पर फुला कर व पीसकर थोड़े से शहद में मिला लें। इस मिश्रण को छालों पर दिन में तीन-चार बार लगाएं। मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे।

मच्छरों से बचने के उपाय

*इससे पहले कि मच्छर आपका खून चूसें, अपनाएं ये घरेलू उपाय*
 शशांक द्विवेदी
1. जॉन्सन बेबी क्रीम: अगर आपको ये पढ़कर हंसी आ रही है तो आपको बता दें कि ये कोई मजाक नहीं है. जॉन्सन बेबी क्रीम लगाकर आप मच्छरों से राहत पा सकते हैं.
2. नीम और लैवेंडर का तेल -  नीम का तेल तो मच्छरों से छुटकारा पाने का रामबाण उपाय है. विशेषज्ञों की मानें तो नीम का तेल किसी भी कॉयल और वेपराइजर की तुलना में दस गुना ज्यादा इफेक्ट‍िव होता है. नीम के तेल में एंटी-फंगल, एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाया जाता है. आप चाहें तो नीम के तेल को लैवेंडर ऑयल के साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं.
3. नींबू और लौंग :-  एक नींबू को बीच से काट लें और उसमें कुछ लौंग धंसा दें. इस नींबू को उस जगह पर रख दें जहां मच्छरों के होने की आशंका सबसे अधिक हो. इस उपाय को करने से मक्खियां भी दूर रहती हैं.
4. तुलसी -  अपने घर में तुलसी का एक पौधा लगा लें. तुलसी कई बीमारियों में फायदेमंद है. इसके साथ ही ये मच्छरों को दूर रखने में भी मददगार है. इसकी गंध से मच्छर घर से दूर ही रहते हैं.
5. लहसुन :-  लहसुन की 5 से 6 कलियों को कूट लें. इसे एक कप पानी में मिलाकर कुछ देर के लिए उबाल लें. इस पानी को एक स्प्रे बॉटल में भरकर घर के अलग-अलग कोनों में छिड़क दें. इसकी गंध से भी मच्छर दूर ही रहेंगे.

ऐसे करें कैल्शियम की कमी को दूर

*10 रुपए में कर सकते हैं कैल्शियम की कमी को दूर, दूध से चिढ़ते हैं तो यह जानकारी आपके लिए है*
 शशांक द्विवेदी
1. पानी में अदरक डाल कर उबालें। इस पानी में शहद और हल्का नींबू निचोड़ें। सुबह 20 दिन तक पिएं। कैल्शियम की आपूर्ति होगी।
2. प्रति दिन 2 चम्मच तिल का सेवन करें। आप इसे लड्डू या चिक्की के रूप में भी ले सकते हैं।
3. एक चम्मच जीरे को रात भर पानी में भिगो दें। सुबह इसका सेवन करें। 15 दिन में लाभ दिखेगा।
4. 1 अंजीर व दो बादाम रात में गलाएं और सुबह इसका सेवन करें। शर्तिया फायदा होगा।
5. रागी का हफ्ते में एक बार किसी ना किसी रूप में सेवन करें। दलिया, हलवा या खीर बनाकर ले सकते हैं। किसी भी प्रकार से रागी कैल्शियम का विश्वसनीय स्त्रोत हैं।
6. नींबू पानी दिन भर में एक बार अवश्य लें।
7. अंकुरित अनाज में कैल्शियम प्रचूर मात्रा में होता है। अगर आप अंकुरित आहार नहीं ले सकते हैं तो हफ्ते में एक बार सोयाबीन ले सकते हैं।

Sunday, July 7, 2019

आप कितनें बीमार है,ये बतायेगा यूरिन का कलर

*यूरिन के रंग से पहचानें, कहीं आप बीमार तो नहीं?*
 शशांक द्विवेदी
1 गहरा पीला - अगर पेशाब का रंग सामान्य से भी गहरा यानि गहरा पीला दिखाई दे रहा है, तो यह पानी की कमी को दर्शा रहा है। इस स्थि‍ति में आपको अधि‍क से अधि‍क पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
2 लाल रंग - पेशाब का रंग लाल होना, यूरिन में रक्त की मौजूदगी का सूचक हो सकता या फिर अवांछित तत्वों का। अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा है तो आपको किसी विशेषज्ञ के पास जाने की आवश्यकता है। इसकी जांच करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह रक्त किडनी या मूत्राशय, गर्भाशय, प्रोटेस्ट ग्रंथि के कारण या फिर रक्तमेह के कारण हो सकता है।
3 गहरा लाल या काला - इस तरह का पेशाब का रंग अनगिनत स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकता है। यह लिवर की खराबी, लिवर में गंभीर संक्रमण, हेपेटाइटिस, ट्यूमर, मेलानोमा, सिरोसिस या अन्य गंभीर समस्याओं के कारण भी हो सकता है।
4 नारंगी - इस तरह का रंग अक्सर पेशाब में तब नजर आता है जब आप किसी दवा का सेवन कर रहे होते हैं या फिर आप प्राकृतिक सिट्रस एसिड युक्त पदार्थ का सेवन करते हैं। इनके अलावा भी अगर आपको पेशाब का रंग कुछ नारंगी नजर आता है, तो जांच जरूर कराएं।