आज संत कबीर की जयंती है ,वही कबीर जिन्होंने अपने दोहों के माध्यम से इस देश में जातिपांति,अंध विश्वास ,रुदिवादिता ,पाखंड ,धार्मिक कट्टरता पर प्रहार किये .लेकिन आज इन्ही कबीर की फोटो लगाकर ,इनके दोहों को लिखकर कुछ पाखंडी कथित दलित चिंतक हर दिन ,हर समय ,हर मुद्दे पर सवर्णों को गरियाते रहते है ...क्या कबीर ने यही शिक्षा दी थी , आज संत कबीर को एक जाति और सम्प्रदाय का बंधक बनाने का प्रयास किया जा रहा है..मेरा कथित दलित चिंतकों से अनुरोध है कि कृपया संत कबीर के नाम का सहारा लेकर सड़ांध और जहर न फैलाये .. बचपन में कबीर के दोहों ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया ,आज भी मै यह मानता हूँ कबीर ने अपने दौर में बड़ी सामजिक क्रांति की थी और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक है जिंतने पहले थे ....संत कबीर को उनकी जयंती पर शत -शत नमन ....
Sunday, June 23, 2013
उत्तराखंड आपदा के लिए ब्राह्मण दोषी -कथित दलित चिंतक
इस देश में मानसिक रूप से बीमार लोगों की कोई कमी नहीं है उत्तराखंड आपदा पर भी कुछ कथित दलित चिंतक (दिलीप मंडल और उनके चेले ) इसके लिए ब्राह्मण वादियों ,ब्राह्मणों को दोष दे रहें है ...कह रहें है उन्ही की वजह से / बर्गलाने से दलित वहाँ गयें है /जातें है ...इसलिए वहाँ मरे है ,पहले कुंभ में भी इसीलिये मरें थे ...क्या कहें इस पर इनकी इसी बात से समझ में आता है कि इनका दिमाग और नीयत कैसी है ...ये लोग देश की किसी भी समस्या पर /आपदा पर सिर्फ ब्राह्मणों को दोष देते है ....इन लोगों पर तो अब गुस्सा भी नहीं आता सिर्फ दया आती है ...भगवान इन्हें सदबुद्धि दे
Saturday, June 22, 2013
मोबाइल से जुडी कई महत्वपूर्ण बातें
मोबाइल से जुडी कई ऐसी बातें जिनके बारे में हमें जानकारी नहीं होती लेकिन मुसीबत के बक्त यह मददगार साबित होती है ।
इमरजेंसी नंबर -
दुनिया भर में मोबाइल का इमरजेंसी नंबर 112 है । अगर आप मोबाइल की कवरेज एरिया से बाहर हैं तो 112 नंबर द्वारा आप उस क्षेत्र के नेटवर्क को सर्च कर लें . ख़ास बात यह हैकि यह नंबर तब भी काम करता है जब आपका कीपैड लौक हो !
जान अभी बाकी है-
मोबाइल जब बैटरी लो दिखाए और उस दौरान जरूरी कॉल करनी हो , ऐसे में आप *3370# डायल करें , आपका मोबाइल फिर से चालू हो जायेगा और आपका सेलफोन बैटरी में 50 प्रतिशत का इजाफा दिखायेगा ! मोबाइल का यह रिजर्व दोबारा चार्ज हो जायेगा जब आप अगली बार मोबाइल को हमेशा की तरह चार्ज करेंगे !
मोबाइल चोरी होने पर-
मोबाइल फोन चोरी होने की स्थिति में सबसे पहले जरूरत होती है , फोन को निष्क्रिय करने की ताकि चोर उसका दुरुपयोग न कर सके । अपनेफोन के सीरियल नंबर को चेक करने के लिए *#06# दबाएँ . इसे दबाते हीं आपकी स्क्रीन पर 15 डिजिट का कोड नंबर आयेगा . इसे नोट कर लें और किसी सुरक्षित स्थान पर रखें . जब आपका फोन खो जाए उस दौरान अपने सर्विस प्रोवाइडर को ये कोड देंगे तो वह आपके हैण्ड सेट को ब्लोक कर देगा !
कार की चाभी खोने पर -
अगर आपकी कार की रिमोट केलेस इंट्री है और गलती से आपकी चाभी कार में बंद रह गयी है और दूसरी चाभी घर पर है तो आपका मोबाइल काम आ सकता है ! घर में किसी व्यक्ति के मोबाइल फोन पर कॉल करें ! घर में बैठे व्यक्ति से कहें कि वह अपने मोबाइल को होल्ड रखकर कार की चाभी के पास ले जाएँ और चाभी के अनलॉक बटन को दबाये साथ ही आप अपने मोबाइल फोन को कार के दरवाजे केपास रखें , दरवाजा खुल जायेगा!
Thursday, June 20, 2013
पत्नी और घड़ी के बीच का संबंध!
पत्नी और घड़ी के बीच का संबंध!
1. घड़ी चौबीस घंटे टिक-टिक करती रहती है और पत्नी चौबीस घंटे चिक-चिक करती रहती है।
2. घड़ी की सूइयाँ घूम-फिर कर वहीं आ जाती हैं और उसी प्रकार पत्नी को आप कितना भी समझा लो, वो घूम-फिर कर वहीं आ जायेगी और अपनी ही बात मनवायेगी।
3. घड़ी में जब 12 बजते हैं तो तीनों सूइयाँ एक दिखाई देती हैं, लेकिन पत्नी के जब 12 बजते हैं तो एक पत्नी भी 6-6 दिखाई देती है।
4. घड़ी के अलार्म बजने का फिक्स टाइम है लेकिन पत्नी के अलार्म बजने का कोई फिक्स टाइम नहीं है।
5. घड़ी बिगड़ जाये तो रूक जाती है लेकिन जब पत्नी बिगड़ जाये तो शुरू हो जाती है।
6. घड़ी बिगड़ जाये तो मैकेनिक के यहाँ जाती है पत्नी बिगड़ जाये तो मायके जाती है।
7. घड़ी को चार्ज करने के लिये सेल(बैटरी) का प्रयोग होता है और पत्नी को चार्ज करने के लिये सैलेरी का प्रयोग होता है।
8. लेकिन सबसे बड़ा अंतर ये कि घड़ी को जब आपका दिल चाहे बदल सकते हैं मगर पत्नी को चाह कर भी बदल नहीं सकते उल्टा पत्नी के हिसाब से आपको खुद को बदलना पड़ता है।
1. घड़ी चौबीस घंटे टिक-टिक करती रहती है और पत्नी चौबीस घंटे चिक-चिक करती रहती है।
2. घड़ी की सूइयाँ घूम-फिर कर वहीं आ जाती हैं और उसी प्रकार पत्नी को आप कितना भी समझा लो, वो घूम-फिर कर वहीं आ जायेगी और अपनी ही बात मनवायेगी।
3. घड़ी में जब 12 बजते हैं तो तीनों सूइयाँ एक दिखाई देती हैं, लेकिन पत्नी के जब 12 बजते हैं तो एक पत्नी भी 6-6 दिखाई देती है।
4. घड़ी के अलार्म बजने का फिक्स टाइम है लेकिन पत्नी के अलार्म बजने का कोई फिक्स टाइम नहीं है।
5. घड़ी बिगड़ जाये तो रूक जाती है लेकिन जब पत्नी बिगड़ जाये तो शुरू हो जाती है।
6. घड़ी बिगड़ जाये तो मैकेनिक के यहाँ जाती है पत्नी बिगड़ जाये तो मायके जाती है।
7. घड़ी को चार्ज करने के लिये सेल(बैटरी) का प्रयोग होता है और पत्नी को चार्ज करने के लिये सैलेरी का प्रयोग होता है।
8. लेकिन सबसे बड़ा अंतर ये कि घड़ी को जब आपका दिल चाहे बदल सकते हैं मगर पत्नी को चाह कर भी बदल नहीं सकते उल्टा पत्नी के हिसाब से आपको खुद को बदलना पड़ता है।
Tuesday, June 18, 2013
हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता की अवधारणा - एक गलतफहमी
लोगों को इस बात की बहुत बड़ी गलतफहमी है कि हिन्दू सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं |
लेकिन ऐसा है नहीं और, सच्चाई इसके बिलकुल ही विपरीत है | दरअसल हमारे वेदों में उल्लेख है 33 “कोटि” देवी-
देवता |अब “कोटि” का अर्थ “प्रकार” भी होता है और “करोड़” भी | तो मूर्खों ने उसे हिंदी में करोड़ पढना शुरू कर दिया जबकि वेदों का तात्पर्य 33 कोटि अर्थात 33 प्रकार के देवी-देवताओं से है (उच्च कोटि.. निम्न कोटि इत्यादि शब्दतो आपने सुना ही होगा जिसका अर्थ भी करोड़ ना होकर प्रकार होता है). ये एक ऐसी भूल है जिसने वेदों में लिखे पूरे अर्थ को ही परिवर्तित कर दिया | इसे आप इस निम्नलिखित उदहारण से और अच्छी तरह समझ सकते हैं | अगर कोई कहता है कि बच्चों को “कमरे में बंद रखा” गया है | और दूसरा इसी वाक्य की मात्रा को बदल कर बोले कि बच्चों को कमरे में ” बंदर खा गया ” है| (बंद रखा=बंदर खा) कुछ ऐसी ही भूल अनुवादकों से हुई अथवा जानबूझ कर दिया गया ताकि, इसे HIGHLIGHT किया जा सके | सिर्फ इतना ही नहीं हमारे धार्मिक ग्रंथों में साफ-साफउल्लेख है कि “निरंजनो निराकारो एको देवो महेश्वरः” अर्थात इस ब्रह्माण्ड में सिर्फ एक ही देव हैं जो निरंजन निराकार महादेव हैं | साथ ही यहाँ एक बात ध्यान में रखने योग्य बात है कि हिन्दू सनातन धर्म मानव की उत्पत्तिके साथ ही बना है और प्राकृतिक है इसीलिए हमारे धर्म में प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीना बताया गया है और प्रकृति को भी भगवान की उपाधि दी गयी है ताकि लोगप्रकृति के साथ खिलवाड़ ना करें |
जैसे कि :
1. गंगा को देवी माना जाता है क्योंकि गंगाजल में सैकड़ों प्रकार की हिमालय की औषधियां घुली होती हैं|
2. गाय को माता कहा जाता है क्योंकि गाय का दूध अमृततुल्य और, उनका गोबर एवं गौ मूत्र में विभिन्न प्रकार की औषधीय गुण पाए जाते हैं |
3. तुलसी के पौधे को भगवान इसीलिए माना जाता है कि तुलसी के पौधे के हर भाग में विभिन्न औषधीय गुण हैं |
4. इसी तरह वट और बरगद के वृक्ष घने होने के कारण ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं और, थके हुए राहगीर को छाया भी प्रदान करते हैं | यही कारण है कि हमारे हिन्दू धर्म ग्रंथों में प्रकृति पूजा को प्राथमिकता दी गयी है क्योंकि, प्रकृति से ही मनुष्य जाति है ना कि मनुष्य जाति से प्रकृति है | अतः प्रकृति को धर्म से जोड़ा जाना और उनकी पूजा करना सर्वथा उपर्युक्त है | यही कारण है कि हमारे धर्म ग्रंथों में सूर्य, चन्द्र, वरुण, वायु , अग्नि को भी देवता माना गया है और इसी प्रकार कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैं | इसीलिए, आपलोग बिलकुल भी भ्रम में ना रहें क्योंकि ब्रह्माण्ड में सिर्फ एक ही देव हैं जो निरंजन निराकार महादेव हैं |
कुल 33 प्रकार के देवता हैं :
12 आदित्य है : धाता , मित् , अर्यमा , शक्र , वरुण , अंश , भग , विवस्वान , पूषा , सविता , त्वष्टा , एवं विष्णु |
8 वसु हैं : धर , ध्रुव ,सोम , अह , अनिल , अनल , प्रत्युष एवं प्रभाष
11 रूद्र हैं : हर , बहुरूप, त्र्यम्बक , अपराजिता , वृषाकपि , शम्भू , कपर्दी , रेवत , म्रग्व्यध , शर्व तथा कपाली |
2 अश्विनी कुमार हैं |
कुल : 12 +8 +11 +2 =33
Thursday, June 13, 2013
दलित चिंतन का ढ़ोंग करते कथित दलित चिंतक
शशांक द्विवेदी
इस देश में दो तरह के दलित चिंतक है एक वो है जो वाकई में दलित उत्थान चाहते है ,उनके लिए लिखते है जैसे डॉ तुलसी राम (पिछले दिनों तहलका में प्रकाशित उनका इंटरव्यू कई मामलों में महत्वपूर्ण था ,ऐतिहासिक था ) दूसरे तरह के दलित चिंतक दिलीप मंडल जैसे लोग है जो दलितों को विशुद्ध बेवकूफ बनाते है इसको एक उदहारण से समझिये पिछले दिनों उन्होंने मायावती द्वारा ब्राह्मणों को टिकट देने के मामलें में (घोषित 36 में 19 लोकसभा टिकट )उन्होंने अपने वाल में लिखा था की "जिसकी जितनी भागीदारी उसकी उतनी हिस्सेदारी" जबकि 90 के दशक में इस नारे का मतलब कुछ और था लेकिन आज वक्त बदला और अचानक ब्राह्मण ही इनके आराध्य हो गए और बसपा में उनकी हिस्सेदारी और भागीदारी दोनों ही जबरदस्त तरीके से बढ़ गयी ,बसपा के टिकटों को देखें तो 70 फीसदी सवर्णों को मिल रहें है ...फिर भी उन्होंने मायावती के फैसले का समर्थन और स्वागत किया .जबकि डॉ तुलसी राम ने इस बात की आलोचना की थी .फिर दिलीप मंडल ने अपने वाल में लिखा की ब्राह्मणों का तुष्टीकरण (जैसे अल्पसंख्यकों का )हो रहा है तो मै ये समझ नही पा रहा हूँ की ६० फीसदी टिकट सिर्फ ब्राह्मणों को टिकट देने से तुष्टीकरण कैसे हो गया (क्या आज तक किसी पार्टी ने दलितों को या मुस्लिमों को इतनी ज्यादा मात्र में टिकट दियें है ) ये तो मायावती की मजबूरी और बदलती राजनीति की तरफ इशारा करता है ...कुलमिलाकर कार्पोरेट पत्रकारिता के पक्षधर दिलीप मंडल वैसे ही दलितों की चिंतक है जैसे मायावती है ...(मतलब जिन दलितों का वोट लिया आज उन्ही को दरकिनार कर दिया ) ..डॉ तुलसी राम जैसे लोग सम्मान के पात्र है जो वाकई में दलित उत्थान चाहते है..उनके लिए काम करतें है ..सिर्फ दिखावा नहीं करतें...
Saturday, June 8, 2013
मैच फिक्सरों को इतनी मीडिया कवरेज क्यों ..
मैच
फिक्सिंग और सट्टेबाजी में शामिल अंकित चव्हाण की शादी की फोटो आज पंजाब
केसरी के पहले पेज पर और कल रात में कई न्यूज चैनलों पर उसकी फुटेज देखकर
मै बहुत व्यथित रहा .सोच रहा था कि अंकित चव्हाण ने ऐसा क्या महान काम
किया जो मीडिया उसको इतनी कवरेज दे रहा है ..अखबार पहले पेज पर उसकी शादी
की फोटो छाप रहें है ...भारतीय मीडिया किस दिशा में जा रहा है ये स्पष्ट
दिख रहा है ..एक चोर /सट्टेबाज /फिक्सर को सेलिब्रेटी बना कर पेश किया जा
रहा है ..खैर मीडिया के मठाधीशो से ईमानदारी /नैतिकता की उम्मीद करना
मूर्खता ही है ...काश वो इन सब बातों को समझ पाते ..
u can also read in this link is
http://www.jansattaexpress.net/electronic/872.html
u can also read in this link is
http://www.jansattaexpress.net/electronic/872.html
Subscribe to:
Posts (Atom)