Tuesday, March 12, 2019

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है सोडा पीना ..

*सोडा पीने का शौक पड़ सकता है महंगा, जानिए ऐसे 8 कारण कि क्यों नहीं पीना चाहिए सोडा*

1 यह न केवल आपके दांतों में सड़न पैदा करता है बल्कि इसमें अत्यधिक मात्रा में मौजूद रिफाइंड शुगर, कैलोरी की मात्रा मोटापा बढ़ाने का काम करती है।
2 सिर्फ सोडा ही नहीं बल्कि ड्र‍िंकिंग सोडा जिस बॉटल या केन में बाजार में उपलब्ध है, वह भी हानिकारक है। इनमें टॉक्सिक केमिकल बिस्फेनॉल होता है, जो एक नहीं कई प्रकार की हेल्थ प्रॉब्लम्स को पैदा करता है।
3 इसमें बहुत अधिक मात्रा में शर्करा पाई जाती है। इसमें मौजूद 20 ऑन्स मात्रा ही लगभग 20 बड़े चम्मच शुगर के बराबर होती है।
4 अगर आप कैलोरी कम करने के लालच में डाइट सोडा लेना पसंद करते हैं, तो जान लीजिए कि यह आपके किडनी की कार्यक्षमता को कम करता है।
5 सोडा पीने की आदत लगना तो और भी खतनाक है। हर दिन ड्रिंकिंग सोडा का सेवन, आपके लिए डायबिटीज के खतरे को 25 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।
6 20 ऑन्स सोडा यानि 240 कैलोरी बर्न करने के लिए आपको हर बार सोडा पीने के बाद लगभग 1 घंटा पैदल चलने की जरूरत होती है।
7 सोडा में पाया जाने वाला फास्फोरिक एसिड आपकी हड्ड‍ियों में मौजूद कैल्सियम को चुरा लेता है। इतना ही नहीं यह हड्ड‍ियों के घनत्व को भी कम कर देता है।
8 रोजाना सोडा का प्रयोग, आपके मेटाबॉलिज्म में परिवर्तन करने में काफी हद तक प्रभावी होता है और वजन कम करना बेहद कठिन हो जाता है।

Monday, March 11, 2019

आलू से जुड़ी ये खास बातें ..

*आलू से जुड़ी ये खास बातें, जो आप नहीं जानते...*

1 यह आश्चर्य की बात है कि आलू की रसदार लुग्दी या पेस्ट झुर्रियां, बढ़ती उम्र के दाग-धब्बे और त्वचा की रंगत निखारने में सहायता करती है।
2 आलू के पौष्टिक तत्वों का लाभ लेने के लिए इसे हमेशा छिलके समेत पकाना चाहिए क्योंकि आलू का सबसे अधिक पौष्टिक भाग छिलके के एकदम नीचे होता है, जो प्रोटीन और खनिज से भरपूर होता है। आलू को उबाला, भूना या अन्य सब्जियों के साथ पकाया जाता है, इसलिए इसके पौष्टिक तत्व आसानी से हजम हो जाते हैं।
3 आलू का यदि कोई भाग हरा रह गया है तो उसे काटकर निकाल देना चाहिए, क्योंकि उसमें सोलेनाइन नामक विषैला पदार्थ होता है। इसके अतिरिक्त यदि आलू में अंकुर आ गए हों, तो अंकुरित भाग काटकर निकाल देना चाहिए और उसे प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।
4 आलू में औषधीय गुण जबर्दस्त हैं। यह आंतों में सड़न की प्रक्रिया को रोकता है, और पाचन प्रक्रिया में सहायक बैक्टीरिया के विकास में सहायता करता है।
5 पाचन संबंधी बीमारियों में कच्चे आलू का रस बहुत उपयोगी होता है, क्योंकि यह आंतों में सूजन से आराम दिलाता है। इस रोग में आराम पाने के लिए कच्चे आलू का आधा प्याला रस भोजन से आधा घंटा पहले दिन में दो या तीन बार लेना चाहिए।
6 प्रत्येक बार भोजन करने से पहले चाय का एक या दो चम्मच भर कच्चे आलुओं का रस पीने से सभी तरह के अम्ल शरीर से निकल जाते हैं और गठिया रोग में आराम मिलता है। आलू के छिलके में महत्वपूर्ण खनिज लवण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

Sunday, March 10, 2019

ज्यादा शुगर मतलब मीठी मौत

*ज्यादा शुगर मत खाना, वरना कभी भी हो जाएंगी ये 7 बीमारियां*
शशांक द्विवेदी

1 सबसे आम लेकिन गंभीर बीमारी ही नहीं बल्कि कई बीमारियों की जड़ है मोटापा। जब हम शुगर खाते है तो हमारे बॉडी में लीपोप्रोटीन लिपोज बनता है जिसकी वजह से हमारी कोशिकाओं में फैट जमा होने लगता है, नतीजतन मोटापा हमें घेर लेता है।
2 जब हम ज्यादा शुगर लेते हैं तो इसका सीधा असर प्रतिरक्षा तंत्र पर पड़ता है और वह कमजोर होता है। ऐसा होने पर बीमारियां हमें आसानी से घेर लेती हैं।
3 शुगर में कैलोरी के अलावा ऐसे कोई पोषक तत्व नहीं होते जो कि हमारे शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में मदद करें, इसलिए जब भी आप शुगर की मात्रा अधिक लेंगे, कुछ समय बाद आप ऊर्जा की कमी और आलस महसूस करेंगे। यह स्थिति लंबे समय तक घातक हो सकती है।
4 अधिक शुगर का सेवन हमारे लीवर का काम बढ़ा देता है और शरीर में लिपिड का निर्माण बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में फैटी लीवर डिसीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
5 ज्यादा मात्रा में शुगर लेने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है जो दिमाग के लिए नुकसानदायक है। इस स्थिति में दिमाग तक सही मात्रा में ग्लूकोज नहीं पहुंच पाता और दिमाग सही तरीके से काम नहीं कर पाता, जिससे मेमोरी लॉस भी हो सकता है।
6 समय से पहले बूढ़ा दिखना भी ज्यादा शुगर लेने का एक बड़ा साइड इफेक्ट है। जब हम ज्यादा मात्रा में शुगर खाते हैं तो यह बॉडी में इंफ्लेमेटरी इफेक्ट बनाती है जिससे त्वचा पर दाने निकलना, बूढ़ा होना और झुर्रियां पड़ने की समस्याएं हो सकती है।
7 ज्यादा शुगर का सेवन हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक जैसी समस्याओं के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है, क्योंकि यह ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ाती है, जो दिल के लिए घातक है।

Boost your body metabolism

A concoction made using three ingredients like cinnamon, black pepper and ginger could help you go a long way in boosting your body's metabolism. According to Ayurvedic Expert, Dr. Ashutosh Gautam, "Cinnamon, black pepper and ginger are good for improvement of metabolism and digestion. Cinnamon helps to improve fat breakdown in body. Whereas, ginger also helps in improving immunity and helps fight the symptoms of fluctuating seasonal variations."
Here is how you can make this Ayurvedic concoction at home:
Ingredients:


Cinnamon, 1 stick
Black pepper, a pinch
Ginger, 1/2 teaspoon, grated

शहद और आंवले के मिश्रण के 5 जबरदस्त फायदे

*शहद और आंवले का मिश्रण बनाएं और 5 गजब के फायदे पाएं*

शशांक द्विवेदी
शहद और आंवला दोनों ही सेहत और सौन्दर्य गुणों से भरपूर होते हैं। इन दोनों का ही सेवन आपके लिए बेहद लाभकारी होता है।अब हम आपको बताते हैं कि शहद और आंवले के मिश्रण को किस प्रकार इस्तेमाल करने से आपको लाभ मिल सकते हैं-
1. इस मिश्रण को बालों में लगाने से बाल सुंदर, मुलायम और मजबूत होने लगते है।आप इस मिश्रण को कंडीशनर के तौर पर भी बालों में लगा सकते हैं।
2. शहद और आंवले के मिश्रण का नियमित रूप से सेवन करने पर आपको सौंदर्य फायदे मिलते हैं जैसे चेहरे से झुर्रियों और फाइन लाइन मिटने लगती है और बढ़ती उम्र का प्रभाव चेहरे पर नहीं मालूम पड़ता।
3. शहद और आंवले के मिश्रण का नियमित रूप से सेवन करने पर लिवर स्‍वस्‍थ रहता है।
4. इस मिश्रण के सेवन से एसिडिटी से राहत मिलती है। भूख बढ़ती है और पाचन में भी मदद मिलती है।
5. इसकी मिश्रण की एक बड़ी चम्‍मच खाने से सर्दी, खांसी और गले में खराश से जल्‍द राहत मिलती है और संक्रमण दूर होते है।

Saturday, March 9, 2019

हाई बीपी की समस्या से ग्रसित लोगों का आहार

*अगर आपका कोई अपना हो हाई बीपी का शिकार तो ऐसा हो उनका आहार, जानिए 13 काम की बातें...*

1 उच्च रक्तचाप के रोगी को नमक का सेवन कम करना चाहिए।
2 उच्च रक्तचाप के रोगी को ज्यादा मात्रा में भोजन नहीं करना चाहिए, साथ ही गरिष्ठ भोजन से भी परहेज करना चाहिए।
3 भोजन में फलों और सब्जियों के सेवन ज्यादा करना चाहिए।
4 लहसुन, प्याज, साबुत अन्न, सोयाबीन का सेवन करना चाहिए।
5 सब्जियों में लौकी, नींबू, तोरई, पुदीना, परवल, सहिजना, कद्दू, टिण्डा, करेला आदि का सेवन करना चाहिए।
6 भोजन में पोटेशियम की मात्रा ज्यादा हो और सोडियम की मात्रा कम होनी चाहिए।
7 अजवायन, मुनक्का व अदरक का सेवन रोगी को फायदा पहुंचाता है।
8 फलों में मौसमी, अंगूर, अनार, पपीता, सेब, संतरा, अमरूद, अन्नानस आदि सेवन कर सकते हैं।
9 बादाम बिना मलाई का दूध, छाछ सोयाबीन का तेल, गाय का घी,गुड़, चीनी, शहद, मुरब्बा आदि का सेवन कर सकते हैं।
10 डेयरी उत्पादों, चीनी, रिफाइन्ड खाद्य पदार्थों, तली-भुनी चीजों, कैफीन और जंक फूड से नाता नहीं रखना चाहिए।
11 दिन में कम से कम 10-12 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए।
12 कम मात्रा में बाजरा, गेहूं का आटा, ज्वार, मूंग साबुत तथा अंकुरित दालों का सेवन करना चाहिए।
13 पालक, गोभी, बथुआ जैसी हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।


सेहत के लिए 15 सुपर फूड

15 SuperFoods for Health

हेल्दी फूड की बात तो हम सभी करते हैं, लेकिन हेल्दी फूड्स की लंबी लिस्ट के बीच कुछ फूड आइटम ऐसे भी हैं, जो हमारे लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इनमें दूसरों के मुकाबले ज्यादा पोषक तत्व होते हैं। इन्हें हम सुपर फूड भी कह सकते हैं। हालांकि सुपर फूड्स का फायदा भी तभी है, जब हम बैलेंस्ड डाइट लें और सुपर फूड्स को भी बदल-बदल कर लें क्योंकि हर फूड आइटम के अपने फायदे होते हैं। ऐसे ही चंद सुपर फूड्स के बारे में एक्सपर्ट्स से बात कर जानकारी दे रहे हैं मधुरेन्द्र सिन्हा और प्रियंका सिंह

1. बादाम.......................
फायदे
- ढेर सारे न्यूट्रिशंस से भरपूर बादाम में विटामिन ई, कैल्शियम, गुड फैट, फाइबर, प्लांट प्रोटीन, आयरन, जिंक आदि अच्छी मात्रा में होते हैं।
- यह कॉलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम शुगर लेवल को मेंटेन रखता है।
- इसमें मौजूद जिंक ब्रेन को मजबूती देता है और बुढ़ापे में पार्किंसंस जैसी बीमारी को रोकने में मदद करता है। इसके माइक्रो-न्यूट्रिएंट बालों को अच्छा बनाते हैं।
- ज्यादा मात्रा में खाने से वजन बढ़ सकता है। कड़वे बादाम में मौजूद हाइड्रोसायनिक एसिड नर्वस सिस्टम स्लो करता है।

कितना खाएं: रोजाना कम-से-कम 11-12 बादाम जरूर खाएं। इससे कम खाने का फायदा नहीं है। इससे ज्यादा भी न खाएं। अगर दूसरे ड्राई फ्रूट्स भी लेते हैं तो बादाम की मात्रा इसी हिसाब से कम कर दें।

किस रूप में खाएं: बादाम को स्नैक्स की तरह सीधे खा सकते हैं। पीसकर दूध में डालकर भी खा सकते हैं। इससे छिलका न उतारें, वरना फाइबर निकल जाएगा। गर्मियों में भिगोकर खाएं। इससे तासीर ठंडी होती है।

2. अखरोट....................................
फायदे
- अखरोट में ओमेगा 6, फॉलिक एसिड, मैग्नीज, कॉपर, फॉस्फोरस, विटामिन बी 6 और विटामिन ई होता है।
- यह हड्डियों के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को बेहतर करने में मदद करता है।
- कॉपर दिल के लिए भी अच्छा है तो ओमेगा 6 दिमाग के लिए। स्किन को भी यह बेहतर बनाता है।
- कैंसर की रोकथाम में भी मददगार पाया गया है अखरोट को।

कितना खाएं: रोजाना 2-3 अखरोट (4-6 टुकड़े) खाएं। गर्मियों में भिगोकर खाना बेहतर है।

कैसे खाएं: स्नैक्स की तरह सीधे खाना बेहतर है। सलाद आदि में भी मिक्स कर सकते हैं। गर्मियंो में भिगोकर खाना फायदेमंद है।

3. फ्लैक्स सीड्स..........................
फायदे
- फ्लैक्स सीड्स यानी अलसी के बीजों में ओमेगा-थ्री, कैल्शियम और फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं।
- ये गुड कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं और दिल की सेहत को सुधारते हैं।
- हड्डियों और बालों के लिए भी काफी फायदेमंद हैं। एंटी-एजिंग के साथ-साथ इम्युनिटी भी बढ़ाते हैं।
- हॉर्मोन को बैलेंस कर महिलाओं में पीरियड्स और मिनोपॉज की समस्या से निपटने में मदद करते हैं।

कितना खाएं: रोजाना 10-15 ग्राम यानी 1-2 चम्मच तक ले सकते हैं। दूसरे सीड्स जैसे कि चियासीड्स या तरबूज, खरबूज और सीताफल के बीजों में भी करीब-करीब यही फायदे हैं। सारे बीज मिलाकर भी ले सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर 15 ग्राम से ज्यादा न लें।

कैसे खाएं: हल्का भूनकर खा सकते हैं। हालांकि कच्चा खाना बेहतर है। पाउडर बनाकर आटे में डालकर या फिर बीज के रूप में दही या सलाद में डालकर खा सकते हैं।

4. केला..........................
- केले में फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी 6 और विटामिन सी आदि अच्छी मात्रा में होता है।
- केला खाने से पाचन ठीक रहता है। साथ ही, यह शरीर में होने वाले छोटे-मोटे दर्द से भी राहत दिलाता है।
- केला डिप्रेशन के मरीजों के लिए फायदेमंद है। इसे खाने से मन दुरुस्त रहता है। बढ़ते बच्चों के लिए काफी फायदेमंद है यह।
- केला खून को पतला रखने में मदद करता है। इसका पोटैशियम बीपी को दुरुस्त रखता है, तो मैग्नीशियम कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है।

कितना खाएं: रोजाना 1 या 2 केले खा सकते हैं। हालांकि वैरायटी के िलए दूसरे फल भी खुराक में शामिल करें। शुगर के मरीज कम खाएं।

कैसे खाएं: सुबह उठकर खाना सबसे फायदेमंद है। जरूरी लगे तो दिन में भी खा सकते हैं।

5. दालचीनी..........................
फायदे
- दालचीनी में एंटी-ऑक्सिडेंट, ओमेगा 6, फाइबर, मैग्नीज, पोटैशियम और कैल्शियम अच्छी मात्रा में होता है।
- यह मेटाबॉलिजम तेज कर मोटापा घटाने में मदद करती है तो शुगर भी कंट्रोल में रखती है।
- रोजाना दालचीनी का 3 ग्राम पाउडर (करीब आधा छोटा चम्मच) खाने से हार्ट अटैक, मोटापा, ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रॉल के आसार कम हो जाते हैं।
- इससे पेट की चर्बी 20 फीसदी तक कम हो सकती है, हार्ट अटैक के चांस 10 फीसदी कम हो सकते हैं और ब्लड प्रेशर में 5 फीसदी कमी आ सकती है।

कितना खाएं: रोजाना 3 ग्राम तक लेना फायदेमंद। 5 ग्राम से ज्यादा न लें वरना बीपी लो हो सकता है।

कैसे खाएं: दालचीनी को पीसकर सब्जी या फ्रूट चाट में मिलाकर खा सकते हैं। बेहतर है कि इसे ज्यादा गर्म न करें। दालचीनी को मिक्सी में न पीसें क्योंकि उससे उसके गुण कम होते हैं। सिलबट्टे या इमामदस्ते में कूटें। फोर्टिस सी-डॉक हॉस्पिटल ने अपनी हालिया रिसर्च में दालचीनी को बीपी और शुगर, दोनों को कंट्रोल करने में फायदेमंद पाया।

6. आंवला..........................
फायदे
- विटामिन सी से भरपूर आंवला स्किन और बालों के लिए अच्छा है। यह एसिडिटी के अलावा सर्दी-जुकाम से भी राहत दिलाता है।
- इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं। शुगर के मरीजों के लिए भी यह फायदेमंद है।
- यह जख्म भरने में भी मददगार है। जॉन्डिस के मरीजों के लिए खासतौर पर फायदेमंद।

कितना खाएं: रोजाना 1-2 आंवला तक खा सकते हैं।

कैसे खाएं: आंवले का जूस ले सकते हैं। अचार, चटनी या कच्चा आंवला थोड़ी काली मिर्च या नमक के साथ खा सकते हैं। सब्जी में डाल कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। मुरब्बे का खास फायदा नहीं क्योंकि इसमें चीनी काफी ज्यादा होती है।

7. बेरी..........................
- हमारे देश में पाई जाने वाली बेरीज में खास हैं: जामुन, स्ट्रॉबरी, मलबरी (शहतूत), अंगूर, रसभरी, करौंदा आदि। वैसे, आजकल ब्लूबरी, क्रैनबरी आदि भी मिलने लगी हैं।
- ज्यादातर बेरीज में मैग्नीज, विटामिन सी, विटामिन के और फाइबर भरपूर होता है।
- अंगूर को छोड़ बाकी बेरीज़ को डायबीटीज के मरीजों के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
- इनमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट से स्किन में चमक आती है। कैंसर से बचाने और दिल की बीमारियों से लड़ने में भी मददगार।

कितनी खाएं: हमें दिन भर में 200 ग्राम तक फल खाने चाहिए। ऐसे में तय मात्रा में दूसरे फलों के साथ एक छोटी कटोरी तक बेरी खा सकते हैं।

कैसे खाएं: दिन में कभी भी खा सकते हैं। हां, किसी भी फल को खाने और खाना खाने के बीच करीब घंटे भर का फासला जरूर होना चाहिए।

8. स्प्राउट्स..........................
- फल और कच्ची सब्जियों से 100 गुना ज्यादा एंजाइम्स दालों (मूंग, चना, लोबिया, राजमा, गेहूं आदि) को अंकुरित करने पर मिलते हैं। साथ ही, इनमें फाइबर, विटामिन सी आदि की मात्रा भी बढ़ जाती है।
- दालों को अंकुरित करने से विटामिन बी, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी और विटामिन ई की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है।
- इनमें एंटी-ऑक्सिडेंट ज्यादा होते हैं, जोकि हमारे डीएनए को होने वाले नुकसान को कम करते हैं। यह हमारे खून को साफ कर शरीर को डीटॉक्स करता है।
- ये मेटाबॉलिज़म को बढ़ाते हैं और एक बार खाने पर काफी देर तक पेट भरा होने का अहसास कराते हैं।

कितना खाएं: दिन में 1 छोटी कटोरी (लगभग 150 ग्राम) तक खा सकते हैं।

कैसे खाएं: स्टीम कर सकते हैं। स्नैक्स की तरह चाट बनाकर खा सकते हैं। सलाद, सैंडविच, पोहा आदि में भी मिला सकते हैं।

9. मखाना..........................
- मखाने में प्रोटीन, मैग्नीज, पोटैशियम, जिंक, मैग्नीशियम, फाइबर और आयरन अच्छी मात्रा में होता है और फैट बिल्कुल नहीं होता।
- ज्यादा पोटैशियम और कम सोडियम की वजह से यह हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए फायदेमंद है। मन को शांत कर नींद लाने में यह मदद करता है।
- इसमें मौजूद मैग्नीशियम और फोलेट खून के दौरे को बेहतर बनाकर दिल की बीमारियों का खतरा कम करता है।
-ज्यादा फाइबर और कम फैट होने से यह वजन कम करने में मददगार है। कैल्शियम ज्यादा होने से यह हड्डियों के लिए भी फायदेमंद है।

कितना खाएं: 1 सर्विंग यानी 12-15 मखाने ले सकते हैं।

कैसे खाएं: स्नैक्स की तरह खा सकते हैं। चाहें तो आधा चम्मच देसी घी में भूनकर खा सकते हैं। लेकिन तले नहीं और न ही नमक ज्यादा डालें।

10. लहसुन..........................
फायदे
- मैग्नीज, विटामिन सी, बी6, फाइबर, कैल्शियम, आयरन अच्छी मात्रा में होता है लहसुन में।
- इसमें मौजूद एलिसिन कंपाउंड कॉलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है।
- यह जोड़ों के दर्द को कम करने और खून साफ करने में मदद करता है। स्किन और बालों को भी बेहतर बनाता है।
- बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन कम करता है। यह कैंसर से भी बचाता है।

कितना खाएं: रोजाना 3-4 कली खा सकते हैं। 4 से ज्यादा खाने से शरीर में गर्मी हो सकती है।

कैसे खाएं: कूटकर या कच्चा चबाकर खाएं। लहसुन को काटकर कुछ मिनट छोड़ने से इसके एंजाइम ज्यादा ऐक्टिव हो जाते हैं। फिर खाएं। मुंह की बदबू से राहत के लिए खाने के बाद इलायची या सौंफ खा सकते हैं।

11. हल्दी..........................
फायदे
- विटामिन ए व सी के अलावा मैग्नीज भी काफी मात्रा में होता है हल्दी में।
- यह कैंसर से लड़ने और ट्यूमर सेल्स को ठीक करने के अलावा दिमाग से जुड़ी बीमारियों में भी फायदेमंद है।
- हल्दी में मौजूद कर्कुमिन एंटी-बायोटिक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी है इसलिए यह सूजन, दर्द और चोट में राहत पहुंचाती है।
- शुगर लेवल कंट्रोल करने के अलावा यह जोड़ों का दर्द और गैस भी कम करती है।

कितनी खाएं: रोजाना करीब आधा छोटा चम्मच तक ले सकते हैं।

कैसे खाएं: पाउडर या गांठ, कोई भी ले सकते हैं। वैसे कच्ची (अंबा) हल्दी लेना बेहतर है। हल्दी चिकनाई में अच्छी तरह जज्ब होती है इसलिए दूध में डालकर लेना बेहतर है।

12. दही..........................
फायदे
- दही में कुदरती प्रोबायोटिक्स (गुड बैक्टीरिया)प्रोटीन, विटामिन बी 12, कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस होता है।
- यह एंटी-फंगल होता है। यह हमारी हड्डियों और बालों के लिए अच्छा है।
- यह पाचन में मदद करता है और एसिडिटी में भी राहत दिलाता है।
- यह इम्युनिटी बढ़ाकर बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। दिल के लिए भी अच्छा है।

कितना खाएं: हमें दिन भर में आधा किलो तक दूध या दूध से बनी चीजें लेनी चाहिए। ऐसे में लगभग 1-2 कटोरी दही रोजाना खा सकते हैं।

कैसे खाएं: खाने के साथ खा सकते हैं। छाछ या लस्सी बनाकर भी ले सकते हैं। चीनी डालकर न खाएं।

13. चौलाई..........................
फायदे
- व्रत के दौरान चौलाई के लड्डू या खीर खाई जाती है लेकिन चौलाई को हमें अपने रुटीन फूड में शामिल करना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन, कैल्शियम, एंटी-ऑक्सिडेंट भरपूर होते हैं।
- चौलाई में विटामिन ए काफी ज्यादा होता है, जो हमारी आंखों की रोशनी को बेहतर बनाता है। इसमें मौजूद लाइसिन नामक अमीनो एसिड बालों को बेहतर बनाता है।
- यह कॉलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। साथ ही कैल्शियम अच्छी मात्रा में होने से यह हड्डियों को मजबूत बनाता है।
- इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी शरीर की सूजन को कम करता है। यह खून की कमी को भी दूर करने में मदद करता है।

कितना खाएं: दिन भर में एक कटोरी चौलाई का साग या एक छोटी कटोरी खीर या एक-दो लड्डू खा सकते है।

कैसे खाएं: चौलाई का साग खा सकते हैं। चौलाई के दानों की खीर या लड्डू बनाकर भी खा सकते हैं। हां, उनमें मीठा कम रखें।

14. ग्रीन टी/हर्बल टी..........................
फायदे
- ग्रीन टी में बेस्ट एंटी-ऑक्सिडेंट होते हैं जो बढ़ती उम्र के नुकसान को कम करते हैं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर कई बीमारियों से बचाव करते हैं।
- यह कॉलेस्ट्रॉल घटाने में मदद करती है। इमें मौजूद एल-थियेनाइन नामक कंपाउंड दिमाग को ज्यादा अलर्ट, लेकिन शांत रखता है यानी ब्रेन बेहतर काम करता है।
- इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण इन्फेक्शन का खतरा कम करते हैं। ग्रीन टी मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद करती है।
- तुलसी, अदरक, लौंग, दालचीनी आदि को मिलाकर पानी में उबालकर हर्बल टी तैयार कर सकते हैं। वह भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

कितनी पिएं: दिन में 2-3 कप तक पी सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा न पिएं क्योंकि ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से इसकी लत तो लगती ही है, शरीर में कैल्शियम ज्यादा जज्ब नहीं हो पाता। वैसे, हर्बल टी के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं हैं।

कैसे पिएं: बिना दूध और चीनी के पीना बेहतर है। खाने से साथ न पिएं।

15. ब्रोकली..........................
फायदे
- ब्रोकली यानी हरी गोभी में एंटी-ऑक्सिडेंट्स के साथ पोटैशियम, फाइबर, विटामिन ए, बी और सी होते हैं।
- इसमें मौजूद सेलिनियम कैंसर से लड़ने में मददगार है तो फोलिक एसिड खून की कमी दूर करता है।
- बालों और हड्डी के साथ-साथ पाचन के लिए भी अच्छी है ब्रोकली।
- शुगर कंट्रोल करने और दिल को दुरुस्त रखने में करती है मदद।

कितनी खाएं: हमें दिन भर में 400-500 ग्राम तक सब्जियां खानी चाहिए। वैरायटी का ध्यान रखते हुए बाकी सब्जियों के साथ एक छोटी कटोरी तक ब्रोकली ले सकते हैं।

कैसे खाएं: कच्चा, स्टीम करके या उबाल कर सलाद, सब्जी या ग्रीन कबाब/कटलेट आदि के रूप में खा सकते हैं। हां, गुनगुने पानी में हल्का नमक डालकर पहले अच्छी तरह इसे धो जरूर लें। थायरॉयड के मरीजों को यह कम मात्रा में खानी चाहिए।

नोट: इनके अलावा और भी सुपर फूड्स हैं। सुपर फूड का फायदा तभी है, जब हम इन्हें बैलेंस्ड डाइट के साथ लें। ऐसा न हो कि इनके चक्कर में हम बैलेंस्ड डाइट न लें। साथ ही, आपके इलाके में जो फूड आइटम आसानी से उपलब्ध हैं, उन्हें ज्यादा लें। सुपर फूड भी बदल-बदल कर खाएं ताकि सभी का फायदा शरीर को मिल सके।

एक्सपर्ट पैनल
डॉ. अनूप मिश्रा, चेयरमैन, फोर्टिस सी-डॉक
डॉ. शिखा शर्मा, न्यूट्री-डाइट एक्सपर्ट
परमीत कौर, चीफ डाइटीशन, एम्स
नीलांजना सिंह, सीनियर डाइट एक्सपर्ट
साभार NBT